नई दिल्ली। भारत में भीषण गर्मी, बदलती खान-पान की आदतें और बिना डॉक्टरी पर्चे के मेडिकल स्टोर से पेनकिलर (Dolo, Combiflam, Diclofenac) खरीदकर खाने की घातक लत ने गुर्दे (Kidneys) के स्वास्थ्य को गंभीर संकट में डाल दिया है। नेफ्रोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया के आंकड़ों के अनुसार, देश में हर साल 2.5 लाख से अधिक लोग क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) के अंतिम चरण में पहुंच रहे हैं, जिनमें से एक तिहाई मामलों में शुरुआती कारण किडनी की पथरी (Renal Calculi) और अनियंत्रित दवाओं का दुरुपयोग होता है। किडनियां हमारे शरीर का सबसे संवेदनशील फिल्टरेशन प्लांट हैं, जो प्रतिदिन लगभग 180 लीटर रक्त को छानकर विषाक्त पदार्थों को अलग करती हैं। यदि पानी पीने के सही नियमों का पालन किया जाए और दवाओं के अंधाधुंध सेवन पर रोक लगाई जाए, तो 90% से अधिक किडनी रोगों से जीवनभर बचा जा सकता है।
किडनी स्टोन बनने के मुख्य कारण और प्रकार
किडनी में पथरी तब बनती है जब पेशाब में कैल्शियम, ऑक्सालेट, यूरिक एसिड और फॉस्फोरस जैसे खनिज अत्यधिक गाढ़े हो जाते हैं और तरल पदार्थ (पानी) की कमी के कारण आपस में चिपककर क्रिस्टल का रूप ले लेते हैं:
- कैल्शियम ऑक्सालेट स्टोन (75% मामले): कम पानी पीने, अत्यधिक नमक खाने और पालक, सूखे मेवे व चॉकलेट के अधिक सेवन से।
- यूरिक एसिड स्टोन: मांसाहार, शराब और शरीर में उच्च यूरिक एसिड के कारण।
- स्ट्रुवाइट स्टोन: यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) के बैक्टीरिया द्वारा उत्पन्न।
बिना डॉक्टरी सलाह पेनकिलर्स लेने के जानलेवा खतरे
सिरदर्द, बदन दर्द या जोड़ों के दर्द के लिए बार-बार NSAIDs (नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इन्फ्लेमेटरी ड्रग्स) जैसे आइबुप्रोफेन, डिक्लोफेनाक या निमेसुलाइड लेना किडनियों के लिए धीमा जहर है। ये दवाएं किडनी में रक्त पहुंचाने वाली सूक्ष्म धमनियों को सिकोड़ देती हैं, जिससे नेफ्रॉन्स (फिल्टर सेल्स) ऑक्सीजन की कमी से स्थायी रूप से मर जाते हैं। इस स्थिति को 'एनाल्जेसिक नेफ्रोपैथी' कहा जाता है, जिसमें मरीज को बिना किसी दर्द के सीधे दोनों किडनियां खराब होने का पता चलता है।
किडनी की सुरक्षा के लिए पानी पीने के 4 वैज्ञानिक नियम
- एक साथ 1 लीटर पानी कभी न गटकें: एक बार में बहुत अधिक पानी पीने से किडनियों पर अचानक दबाव पड़ता है और वह बिना मिनरल्स को अवशोषित किए सीधे बाहर निकल जाता है। हमेशा बैठकर, घूंट-घूंट करके पानी पिएं।
- पेशाब के रंग से पहचानें हाइड्रेशन: यदि आपके पेशाब का रंग गहरा पीला है, तो इसका अर्थ है कि आपकी किडनियां पानी की भारी कमी से जूझ रही हैं। पेशाब का रंग हमेशा हल्का पारदर्शी या नींबू जैसा हल्का पीला होना चाहिए।
- सुबह उठते ही गुनगुना पानी: रातभर 7-8 घंटे शरीर डिहाइड्रेटेड रहता है। सुबह खाली पेट 2 गिलास गुनगुना पानी पीने से रातभर के मेटाबॉलिक वेस्ट तुरंत फ्लश हो जाते हैं।
- सोने से ठीक पहले अत्यधिक पानी न पिएं: रात में बार-बार पेशाब के लिए उठने से नींद की गुणवत्ता खराब होती है। सोने से 1 घंटा पहले पानी का सेवन सीमित रखें।
"पथरी होने पर बीयर पीने का मिथक बेहद खतरनाक है। बीयर डिहाइड्रेशन पैदा करती है जिससे पथरी का आकार और बढ़ सकता है। केवल नारियल पानी, नींबू पानी और सादा उबला पानी ही पथरी को निकालने में मददगार है।" - विभागाध्यक्ष, नेफ्रोलॉजी विभाग, पीजीआईएमईआर (PGIMER)
किडनी खराबी के शुरुआती लक्षण (Don't Ignore):
- आंखों के नीचे और पैरों-टखनों में लगातार सूजन रहना।
- पेशाब में झाग (Foamy Urine) आना - जो प्रोटीन लीकेज का संकेत है।
- भूख में अचानक कमी, मुंह का स्वाद कड़वा होना और उल्टी जैसा महसूस होना।
- पीठ के निचले हिस्से (पसलियों के ठीक नीचे) में अचानक असहनीय मरोड़दार दर्द।
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