नई दिल्ली। पैर के अंगूठे में अचानक असहनीय टीस मारता दर्द, एड़ियों में सूजन और सुबह उठते ही घुटनों व उंगलियों के जोड़ों में अकड़न - यह कोई साधारण मोच या थकान नहीं, बल्कि रक्त में यूरिक एसिड के खतरनाक स्तर तक बढ़ने (Hyperuricemia) और गाउट (Gout) का स्पष्ट लक्षण है। यूरिक एसिड शरीर में प्यूरिन (Purine) नामक रासायनिक यौगिक के टूटने से बनने वाला एक सामान्य वेस्ट प्रोडक्ट है, जिसे स्वस्थ किडनियां छानकर पेशाब के रास्ते बाहर निकाल देती हैं। परंतु जब यूरिक एसिड का उत्पादन किडनियों की छानने की क्षमता से अधिक हो जाता है, तो यह सुई जैसे नुकीले मोनोसोडियम यूरेट क्रिस्टल्स (Urate Crystals) बनकर जोड़ों, टेंडन्स और किडनी में जमा होने लगता है। समय पर इलाज न होने पर यह स्थायी गठिया और किडनी फेलियर का कारण बन सकता है। ऑर्थोपेडिक्स और रुमेटोलॉजी विशेषज्ञों ने इसे बिना दवाओं के आहार से नियंत्रित करने के प्रामाणिक उपाय बताए हैं।
शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने के मुख्य कारण
- उच्च प्यूरिन वाले खाद्य पदार्थों का अत्यधिक सेवन: रेड मीट, ऑर्गन मीट (कलेजी), समुद्री झींगा-मछली और दालों की अत्यधिक मात्रा।
- हाई फ्रक्टोज कॉर्न सिरप और मीठे पेय: पैकेटबंद जूस और कोल्ड ड्रिंक्स में मौजूद फ्रक्टोज लिवर में एटीपी (ATP) को तोड़कर यूरिक एसिड का उत्पादन तेजी से बढ़ाता है।
- अल्कोहल और विशेषकर बीयर: बीयर में यीस्ट और प्यूरिन दोनों प्रचुर मात्रा में होते हैं, साथ ही अल्कोहल किडनियों द्वारा यूरिक एसिड को बाहर निकालने की प्रक्रिया को ब्लॉक कर देता है।
- कम पानी पीना और डिहाइड्रेशन: शरीर में पानी की कमी होने पर पेशाब गाढ़ा हो जाता है और यूरिक एसिड क्रिस्टल के रूप में जमने लगता है।
तुरंत बंद करें ये 4 खाद्य पदार्थ (Strictly Avoid):
- राजमा, छोले और साबुत उड़द दाल की अधिकता: इनमें प्यूरिन की मात्रा मध्यम से उच्च होती है। इन्हें सप्ताह में एक बार से अधिक न लें। मूंग दाल और अरहर दाल का पतला पानी सुरक्षित विकल्प है।
- टमाटर के बीज, पालक और अरबी: इनमें ऑक्सालेट और प्यूरिन होते हैं जो संवेदनशील लोगों में जोड़ों का दर्द बढ़ा सकते हैं।
- अल्कोहल और डिब्बाबंद मीठे स्नैक्स: गाउट अटैक का 80% तात्कालिक कारण पार्टी के दौरान शराब और मीठे स्नैक्स का एक साथ सेवन होता है।
- बेकरी उत्पाद (केक, पेस्ट्री, सफेद ब्रेड): इनमें मौजूद रिफाइंड कार्ब्स सिस्टमिक इन्फ्लेमेशन को बढ़ाते हैं।
यूरिक एसिड को तेजी से बाहर निकालने वाले 4 प्राकृतिक उपाय
1. सेब का सिरका (Apple Cider Vinegar)
सुबह एक गिलास गुनगुने पानी में 1 चम्मच ऑर्गेनिक अनफिल्टर्ड एप्पल साइडर विनेगर (With Mother) मिलाकर पिएं। इसमें मौजूद मैलिक एसिड यूरिक एसिड क्रिस्टल्स को तोड़कर पेशाब के रास्ते बाहर निकालने में मदद करता है।
2. चेरी और जामुन का चमत्कारी प्रभाव
बोस्टन यूनिवर्सिटी के एक बड़े मेडिकल अध्ययन के अनुसार, रोजाना 10-12 ताजी चेरी खाने से गाउट अटैक का खतरा 35% तक कम हो जाता है। चेरी और जामुन में 'एंथोसायनिन' नामक शक्तिशाली एंटी-इन्फ्लेमेटरी तत्व होता है जो जोड़ों की सूजन और लालिमा को तुरंत शांत करता है।
3. दिन में 3 से 3.5 लीटर पानी का नियम
यूरिक एसिड के मरीजों के लिए पानी सबसे बड़ी दवा है। पर्याप्त पानी पीने से किडनियां लगातार यूरिक एसिड को डाइल्यूट करके बाहर निकालती रहती हैं। रोजाना 1 गिलास नींबू पानी भी पिएं; नींबू में साइट्रिक एसिड होता है जो मूत्र के पीएच (pH) को क्षारीय (Alkaline) बनाकर क्रिस्टलाइजेशन को रोकता है।
"यदि पुरुषों में यूरिक एसिड 7.0 mg/dL और महिलाओं में 6.0 mg/dL से अधिक है, तो तुरंत सचेत हो जाएं। जोड़ों के दर्द के समय पेनकिलर्स खाने के बजाय बर्फ की सिकाई करें और पानी की मात्रा दोगुनी कर दें।" - वरिष्ठ रुमेटोलॉजिस्ट, सर गंगाराम अस्पताल
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