पूर्णिया। पूर्वोत्तर बिहार, सीमांचल और कोसी क्षेत्र के करोड़ों नागरिकों के दशकों पुराने सपने को पंख लगने की घड़ी अब बेहद निकट आ गई है। सीमांचल की जीवनरेखा माने जाने वाले पूर्णिया हवाई अड्डे (Purnea Airport) के नए अत्याधुनिक सिविल एन्क्लेव (Civil Enclave) और रनवे सुदृढ़ीकरण का निर्माण कार्य भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) और राज्य सरकार के साझा सहयोग से अभूतपूर्व गति पकड़ चुका है। लगभग 52 एकड़ अधिग्रहित भूमि पर 340 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे इस आधुनिक टर्मिनल भवन का 70% से अधिक ढांचागत कार्य पूर्ण हो चुका है, और निर्माण एजेंसी को आगामी 6 महीनों के भीतर सभी सिविल कार्य समाप्त कर डीजीसीए (DGCA) लाइसेंसिंग के लिए सौंपने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
हवाई अड्डे की तकनीकी क्षमता और टर्मिनल की विशेषताएं
पूर्णिया सैन्य हवाई पट्टी का रनवे भारतीय वायुसेना (IAF) का सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण और लंबा रनवे है। इसे अब बड़े वाणिज्यिक यात्री विमानों जैसे एयरबस A320 और बोइंग 737 के सुरक्षित संचालन के अनुकूल री-कार्पेट और अपग्रेड किया जा रहा है:
- पीक ऑवर क्षमता: नए टर्मिनल भवन को एक समय में 600 यात्रियों (300 प्रस्थान और 300 आगमन) की आवाजाही को सुगमता से संभालने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- एप्रन और पार्किंग बे: नए सिविल एन्क्लेव में एक साथ दो बड़े नैरो-बॉडी यात्री विमानों (A320/B737) और एक ATR-72 विमान को पार्क करने की क्षमता वाला विशाल एप्रन बनाया जा रहा है।
- नाइट लैंडिंग और ILS: रात में और घने कोहरे के समय भी विमानों की सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करने के लिए कैटेगरी-II इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) और आधुनिक अप्रोच लाइट्स लगाई जा रही हैं।
- ग्रीन टर्मिनल डिज़ाइन: टर्मिनल भवन की छत पर 500 किलोवाट का सोलर रूफटॉप प्लांट, आधुनिक सुरक्षा जांच प्रणाली, 8 चेक-इन काउंटर्स और 2 ऑटोमैटिक बैगेज क्लेम कन्वेयर बेल्ट्स लगाए जा रहे हैं।
शुरुआती दौर में इन महानगरों के लिए शुरू होंगी सीधी उड़ानें:
उड़ान (UDAN - उड़े देश का आम नागरिक) योजना और वाणिज्यिक एयरलाइंस (इंडिगो, स्पाइसजेट) के साथ हुए प्रारंभिक विचार-विमर्श के अनुसार, पहले चरण में निम्नलिखित रूटों पर सीधी उड़ानों का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है:
- पूर्णिया से नई दिल्ली: दैनिक सीधी नॉन-स्टॉप फ्लाइट (यात्रा समय: 1 घंटा 50 मिनट)।
- पूर्णिया से कोलकाता: दैनिक उड़ान (यात्रा समय: 55 मिनट)।
- पूर्णिया से बेंगलुरु / हैदराबाद: सप्ताह में 4 दिन सीधी कनेक्टिविटी, जिससे दक्षिण भारत में पढ़ने वाले छात्रों और आईटी प्रोफेशनल्स को सीधी राहत मिलेगी।
"पूर्णिया एयरपोर्ट चालू होने से केवल पूर्णिया ही नहीं, बल्कि कटिहार, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल और पड़ोसी देश नेपाल के सीमावर्ती जिलों के लगभग 2 करोड़ लोगों को ऐतिहासिक यात्रा सुविधा मिलेगी। अब लोगों को फ्लाइट पकड़ने के लिए 7 घंटे सड़क से बागडोगरा या पटना नहीं जाना पड़ेगा।" - सांसद सह नागरिक उड्डयन समिति सदस्य
क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा जबरदस्त बूस्ट
पूर्णिया देश में मखाना (Makhana), मक्का (Corn) और अनानास का सबसे बड़ा उत्पादक केंद्र है। हवाई अड्डे पर डेडिकेटेड 'एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स' बनने से सीमांचल के किसान अपने ताजे मखाने और ड्रैगन फ्रूट्स को कुछ ही घंटों में मुंबई, दिल्ली और दुबई के अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भेज सकेंगे, जिससे किसानों की आमदनी में क्रांतिकारी उछाल आएगा।
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